पश्चिमी तट पर शुरू हुआ Exercise Vauna का 21वां संस्करण, भारत और फ्रांस की नौसेनाएं ले रही हैं हिस्सा

नई दिल्ली : भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय नौसेन्य अभ्यास का 21वां संस्करण अभ्यास ”वरुण” आज 16 जनवरी 2023 को पश्चिमी समुद्र तट पर प्रारंभ हुआ। दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय अभ्यास वर्ष 1993 में शुरू किया गया था, इसे साल 2001 में ‘वरुण’ नाम दिया गया था। नौसैन्य अभ्यास की यह श्रृंखला भारत और फ्रांस के रणनीतिक द्विपक्षीय संबंधों की पहचान बन गई है।

अभ्यास के वर्तमान संस्करण में भारतीय नौसेना के कई युद्धपोत और नौकाएं भाग ले रही हैं। इनमें स्वदेशी गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ डिस्ट्रॉयर जहाज आईएनएस चेन्नई, गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस तेग नौका, समुद्री गश्ती विमान पी-8आई और डोर्नियर, इंटीग्रल हेलीकॉप्टर तथा मिग29के लड़ाकू विमान की भागीदारी शामिल हैं। फ्रांसीसी नौसेना का प्रतिनिधित्व विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉलएफएस फोर्बिन और प्रोवेंस नौका, सहयोगी जहाज एफएस मार्ने तथा समुद्री गश्ती विमान अटलांटिक द्वारा किया जा रहा है।

यह अभ्यास 16 से 20 जनवरी 2023 तक पांच दिनों के लिए आयोजित किया गया है। इस दौरान उन्नत वायु रक्षा अभ्यास, सामरिक युद्धाभ्यास, सतह पर गोलीबारी, रिप्लेनिशमेंट और अन्य समुद्री संचालन गतिविधियां आयोजित होंगी। दोनों नौसेनाओं की इकाइयां समुद्र में अपने युद्ध-विरोधी कौशल को और निखारने का प्रयास करेंगी।

दोनों इकाइयां इस अभ्यास में समुद्री क्षेत्र की बहु-स्तरीय संचालन कार्रवाई के लिए अपनी अंतर-संचालनीयता को बढ़ाएंगी और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एकीकृत बल के रूप में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगी।

साल दर साल समुद्र के कार्यक्षेत्र का विस्तार होने और जटिलता बढ़ जाने के बाद यह नौसैन्य अभ्यास एक-दूसरे की सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों से सीखने का अवसर प्रदान करता है। यह अभ्यास समुद्र में बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन स्तर की सहभागिता की सुविधा प्रदान करता है, जो वैश्विक समुद्री इलाकों की सुरक्षा, संरक्षा एवं स्वतंत्रता के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

Share this with Your friends :

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
close