सच आप तक (Sach Aap Tak) : संजय दत्त की जिंदगी आम इंसान की जिंदगी से बेहद ही अलग है। उनके शौक और गलत आदतों की वजह से वह हमेशा विवादों में घिरे रहते थे। सच यह है कि संजय दत्त की जिंदगी किसी बिगड़े हुए रईसजादे से ठोकर खाकर संभले हुए व्यक्ति और अनुभव के साथ सुलझे हुए अभिनेता बनने तक की कहानी है। आइए जानते हैं संजय दत्त के जीवन से जुड़ा वह किस्सा जो सुना सबने है, लेकिन उसके पीछे का सच बेहद ही कम लोग जानते हैं।

बॉलीवुड के संजू बाबा अपनी फिल्मों और फैमिली के अलावा सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहे मुंबई ब्लास्ट कॉन्ट्रोवर्सी को लेकर। इसे लेकर ऐसी बात सामने आई जिसे जानकर सब चौंक गए। दरअसल 1993 में हुए मुंबई बम ब्लास्ट केस में संजय दत्त को जेल जाना पड़ा और उनकी ये लड़ाई 23 साल तक चली। उन्हें पहली बार 19 अप्रैल 1993 में एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। उनको अवैध हथियार रखने का दोषी पाया गया था और करीब 20 साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 5 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद संजय के पिता सुनील दत्त काफी परेशान हो गए थे। कांग्रेसी नेता होने के बावजूद उन्हें किसी भी तरह कि मदद देने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा था।

बताया जाता है कि संजय और सुनील दत्त के इस मुसीबत के वक्त बाल ठाकरे ने उनकी मदद की। सुनील दत्त ने बाला साहेब से मदद मांगी। संजय जब दोबारा गिरफ्तार हुए तो बाला साहेब ने ही मध्यस्थता की और संजय को जमानत पर रिहा करवाया। संजय को रिहा कराने के बाद विरोधी बाला साहेब पर जमकर बरसे, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया। हालांकि संजय दत्त की जिंदगी से जुड़ा ये किस्सा उनकी बायोपिक संजू में नहीं दिखाया जाएगा। आगे जानें संजय दत्त की जिंदगी से जुड़े वो अहम वाकये जिनका खुलासा फिल्म संजू में नहीं किया जाएगा।
मां के मुंह से सुना था ठाकरे का नाम
संजय दत्त बताते हैं कि उनकी मां और दिवंगत एक्ट्रेस नरगिस दत्त (Nargis Dutt) बाला साहब को भाई मानती थीं। 1993 के बम धमाकों में जब वे जेल गए, तब साहब उन्हें हर दिन मैसेज भेजते थे। गौरतलब है कि संजय को 1993 के बम धमाकों के तहत संजय दत्त को गैरकानूनी रूप से हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। तब संजय के पिता सुनील ददत्त (Sunil Dutt) ने ठाकरे से उनकी रिहाई के लिए मदद मांगी थी। संजय दत्त बताते हैं, जब मां कैंसर के इलाज के लिए यूएस गईं तो उन्होंने हम तीनों (संजय दत्त और उनकी दो बहनों) को बुलाकर कहाकि कभी कोई जरूरत पड़े तो मेरा एक भाई है बाला साहब ठाकरे, तुम उनके पास चले जाना।
बाला साहेब असल शेर थे – संजय दत्त
संजय दत्त ने एक इंटरव्यू में कहाकि जेल से छूटने के बाद मैं सिद्धि विनायक के दर्शन के लिए गया, तब मैं सीधे जाकर साहब से भी मिला। वे असल शेर थे। मुझे बहुत प्यार करते थे। वे पॉलिटिशियन थे, लेकिन उससे ज्यादा देशभक्त थे। अगर किसी को प्यार करते थे तो उसे खुलकर बोल देते थे। फिर चाहे वह इंसान बुरा हो या अच्छा। लेकिन जब उन्हें गुस्सा आता था तो उनसे बुरा कोई नहीं था।
संजय दत्त की जिंदगी से जुड़े बेहद खास किस्से
संजय के लव अफेयर
ये बात तो संजय दत्त की बायोपिक में बताई गई है कि उनकी 350 से भी ज्यादा गर्लफ्रेंड्स थीं लेकिन ये गर्लफ्रेंड कौन-कौन थीं, ये फिल्म में नहीं बताया जाएगा। आइए हम बताते हैं-

टीना मुनीम
टीना मुनीम के साथ संजय दत्त का अफेयर 2 साल तक चला था। बताया जाता है कि ये संजय दत्त की जिंदगी का सबसे इंटेंस रिलेशनशिप था, जिसे टीना ने खुद तोड़ा था। ये रिलेशनशिप फिल्म में नहीं खोला जाएगा।
माधुरी दीक्षित

वहीं इस शादी के दौरान ही संजय दत्त का माधुरी दीक्षित के साथ अफेयर भी खूब चर्चा में रहा था। हालांकि ये अफेयर भी ज्यादा नहीं चला।
रिचा शर्मा

इसके बाद उनका शादी रिचा शर्मा से हुई। इन दोनों के रिश्ते के बारे में भी ज्यादा कुछ बताया नहीं जाएगा। इसी बीच रिचा शर्मा की ब्रेन ट्यूमर से मौत हो गई और उनका नाम कई एक्ट्रेसेस के साथ फिर से जुड़ा गया।
अंडरवर्ड के साथ कनेक्शन

संजू में भी संजय दत्त के अंडरवर्ड के साथ कनेक्शन को लेकर बात की गई है। लेकिन इसके बारे में सभी बातें नहीं खोली गई। बताया तो यहां तक जाता है कि उन पर अबू सलेम से गन सप्लाई लेने का भी आरोप था।
गन का शौक

एक गन की वजह से संजय दत्त की पूरी जिंदगी मुसीबत में फंस गई थी। बताया जाता है कि संजय दत्त को बंदूकों का शौक था। जब उनके घर से एके 56 बरामद हुई, तब उनके पास कई लाइसेंसी बंदूकें थीं। बताया जाता है कि एक बार वे अपने पाली हिल स्थित बंगले पर खुलेआम फायरिंग करने को लेकर मुसीबत में फंस गए थे।
यह था आज का सच आप तक का लेख। यदि आपको ये लेख अच्छा लगा तो कृपया अपने मित्रों के साथ शेयर करें। अगले रविवार को एक नए लेख के साथ इतिहास के उन प्रश्नों का जवाब ढूंढने की कोशिश करेंगे, जो आज भी आम जनता तक नहीं पहुंच सके।


