55 सीटों पर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे गन्ना किसान, जानिए क्या कहते हैं समीकरण?

लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रुहेलखंड के नौ जिलों की 55 सीटों के लिए सोमवार को मतदान होगा और इसके लिए तैयारी पूरी हो गई है। सात चरणों में उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव प्रस्तावित है। दस फरवरी को पहले चरण का मतदान संपन्न होने के बाद अब दूसरे चरण में राज्य के नौ जिलों- सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, सम्भल, रामपुर, अमरोहा, बदायूं, बरेली तथा शाहजहांपुर की 55 विधानसभा सीटों के लिए 14 फरवरी, सोमवार को मतदान होगा।

निर्वाचन कार्यालय ने यहां बताया कि सोमवार को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा। निर्वाचन आयोग के अनुसार दूसरे चरण में कुल 586 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। दूसरे चरण में होने वाले 55 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2017 में 38 सीटें जीती थीं जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) को 15 और कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं। सपा और कांग्रेस ने पिछला विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ा था। सपा की जीती हुई 15 सीटों में 10 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार विजयी हुए थे।

इस बार सपा, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) समेत कई छोटे दलों के गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में हैं और इस चरण को सपा गठबंधन के प्रभाव वाला इलाका माना जा रहा है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ब्रह्मदेव राम तिवारी के अनुसार प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की सुविधा और कोविड-19 से सुरक्षा की विशेष व्यवस्था करायी गयी हैं तथा मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए वहां पर समुचित एवं आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के लिए प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।

राज्य में गन्ने का क्षेत्रफल 23.08 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है, जबकि 2020-21 में ये 23.07 लाख हेक्टेयर था। उत्तर प्रदेश का गन्ना क्षेत्र कम से कम 35 लाख किसानों का घर है।गन्ने की खेती की प्रमुखता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पश्चिमी यूपी के जिलों में इस फसल की पैदावार का भारी अनुपात है।

जिला प्रशासन और स्थानीय किसानों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, बरेली में 70 प्रतिशत गन्ना किसान हैं। 2017 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने बरेली जिले की 9 में से 9 सीटों पर जीत हासिल की थी। क्या भाजपा इस बार भी उसी कारनामे को दोहरा पाएगी? देखना दिलचस्प होगा।

निर्वाचन आयोग के अनुसार दूसरे चरण में कुल 586 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना (शाहजहांपुर सदर), जल शक्ति राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख (बिलासपुर), नगर विकास राज्य मंत्री महेश चंद्र गुप्ता (बदायूं), माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी (चंदौसी), आयुष राज्यमंत्री रहे और अब सपा के प्रत्याशी धर्म सिंह सैनी (नकुड़), वरिष्ठ सपा नेता आजम खान (रामपुर सदर) और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम (स्वार) प्रमुख हैं।

दूसरे चरण के लिए शनिवार की शाम को चुनाव प्रचार समाप्त हो गया और सभी राजनीतिक दलों ने अपने अपने उम्मीदवारों के पक्ष में मतदाताओं से मतदान की अपील की है। दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रचार में सभी राजनीतिक दलों ने अपना पूरा जोर लगाया भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रमुख रूप से मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर हमलावर रहे और उत्तर प्रदेश को दंगा मुक्त रखने के लिए भाजपा सरकार को जरूरी बताया।

मोदी ने सहारनपुर में तीन तलाक का मुद्दा भी उठाया और दावा किया कि उनकी सरकार ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक के चंगुल से आजाद कराया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं समेत विभिन्न स्थानों पर जाकर जनसभाएं की और विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किए।

दूसरी ओर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के प्रचार अभियान की कमान संभाली। उन्होंने 100 से ज्यादा मामलों में करीब दो साल से जेल में बंद अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के पक्ष में रामपुर में वोट मांगे और कहा कि विश्वविद्यालय बनाने वाले आजम को जेल में डाल दिया गया और लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में किसानों को अपनी जीप तले रौंदने वाले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे को जमानत दे दी गई।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान सपा, भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट-मुस्लिम भाईचारा समाप्त कर दिया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने दूसरे चरण के तहत मतदान से पहले विभिन्न जिलों के अनेक विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर प्रचार किया।

 

Written & Source By: P.T.I

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