दतिया। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अपनी समस्या सुनाने पहुंची एक महिला ने अचानक जहरीली वस्तु खा ली। महिला अपने छोटे बेटे के साथ अपनी पीड़ा लेकर अधिकारियों के समक्ष उपस्थित हुई थी। अचानक तबीयत बिगड़ते देख वहां मौजूद स्टाफ ने तत्परता दिखाई और फौरन शासकीय वाहन के जरिए पीड़िता को जिला चिकित्सालय भिजवाया, जहां समय पर मिले इलाज के बाद उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घरेलू हिंसा और बेदखली से जूझ रही थी पीड़िता : मामला भांडेर क्षेत्र के काजीपाठा इलाके का है। पीड़िता पूनम वाल्मीकि के अनुसार, उसका विवाह करीब 3 वर्ष पूर्व मोनू जाटव के साथ हुआ था। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। लगभग दो महीने पहले पति उसे बेसहारा छोड़कर चला गया। पीड़िता ने अपने जेठ सोनू जाटव पर भी गाली-गलौज, मारपीट करने और घरेलू सामान बाहर फेंककर घर से जबरन निकाल देने का संगीन आरोप लगाया है।
उचित समाधान न मिलने से आहत होकर उठाया कदम: पीड़िता का कहना है कि वह न्याय पाने की उम्मीद में दोबारा जनसुनवाई में पहुंची थी। पहले दिए गए शिकायती पत्र पर ठोस कार्रवाई न होने के कारण वह अत्यधिक तनाव में थी। जनसुनवाई के दौरान उसने विषाक्त पदार्थ खा लिया, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस प्रशासन ने शुरू की जांच : अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि महिला के औपचारिक बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पूर्व में दी गई शिकायतों की फाइलें भी जांची जा रही हैं। ससुराल पक्ष के संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ कर वैधानिक साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

